Amazon का Great Indian Festival इस समय चल रहा है। Amazon India का कहना है कि इस बार की शुरुआत अब तक की सबसे बड़ी रही, और ऑर्डर किए गए प्रोडक्ट की संख्या पिछले साल से दोगुनी थी। ऐसी सेल उस चीज़ को ख़रीदने का अच्छा मौक़ा है जो आप पहले से ख़रीदने वाले थे। और बैज पर लिखा बड़ा सा प्रतिशत देखकर कुछ भी ख़रीद लेने का बुरा मौक़ा।
यह गाइड इसी बारे में है कि पहला काम कैसे करें और दूसरे से कैसे बचें।
डिस्काउंट से नहीं, चुकाई जाने वाली क़ीमत से शुरू कीजिए
"60% off" वाला बैज आज की क़ीमत की तुलना लिस्ट प्राइस से करता है। लिस्ट प्राइस वह आँकड़ा है जो सेलर ख़ुद तय करता है। अक्सर यह ऐसी क़ीमत होती है जिस पर प्रोडक्ट शायद ही कभी बिका हो, या कभी बिका ही न हो। एक ही बिक्री क़ीमत वाली दो लिस्टिंग में से एक 30% off दिखा सकती है और दूसरी 70% off, और दूसरी वाली ज़रा भी बेहतर नहीं होती।
इसलिए प्रतिशत को छोड़ दीजिए। पहले तय कीजिए कि आपके लिए प्रोडक्ट कितने का है, फिर बिक्री की क़ीमत देखिए और मिलाइए कि वही प्रोडक्ट दूसरी जगह कितने में मिल रहा है। इस पर हमने डील असली है या नकली? में और विस्तार से लिखा है।
असली आख़िरी क़ीमत निकालिए
फ़ेस्टिवल के दौरान पेज पर लिखी रक़म शायद ही वह होती है जो आप असल में चुकाते हैं। फ़ैसला करने से पहले ये सब जोड़ लीजिए:
- बैंक ऑफ़र। Amazon, SBI के डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर 10% इंस्टेंट डिस्काउंट का विज्ञापन कर रहा है, नियम और शर्तों के साथ। इन ऑफ़र में आम तौर पर न्यूनतम ऑर्डर वैल्यू और अधिकतम डिस्काउंट की सीमा होती है, इसलिए प्रोडक्ट पेज पर ऑफ़र की शर्तें पढ़ लीजिए।
- एक्सचेंज वैल्यू, अगर आप पुराना फ़ोन या अप्लायंस बदले में दे रहे हैं।
- No Cost EMI। Amazon का कहना है कि इस साल फ़ेस्टिवल के क़रीब हर दो में से एक ख़रीदार ने EMI ली। देखिए कि प्रोसेसिंग फ़ीस तो नहीं लग रही, और EMI चुनने से वह कार्ड डिस्काउंट तो नहीं हट रहा जो आपको वैसे मिलता।
- बड़े अप्लायंस पर डिलीवरी और इंस्टॉलेशन चार्ज।
ऑफ़र से पहले जो लिस्टिंग सबसे सस्ती है, ज़रूरी नहीं कि ऑफ़र के बाद भी वही सबसे सस्ती रहे।
बैंक ऑफ़र की सीमा हिसाब कैसे बदल देती है
"10% इंस्टेंट डिस्काउंट" में लगभग हमेशा दो सीमाएँ होती हैं: न्यूनतम ऑर्डर वैल्यू, और हर कार्ड पर अधिकतम डिस्काउंट। लोग अधिकतम वाली सीमा पर ही धोखा खाते हैं, क्योंकि एक तय ऑर्डर साइज़ के बाद ऑफ़र बढ़ना बंद हो जाता है।
इसे मनगढ़ंत आँकड़ों से समझिए। मान लीजिए ऑफ़र है 10% off, अधिकतम ₹1,500 तक। ये आँकड़े सिर्फ़ तरीक़ा समझाने के लिए हैं, ये Amazon की असली शर्तें नहीं हैं।
जिस रक़म पर 10% सीमा के बराबर हो जाता है, उसके ऊपर ख़र्च किए गए हर रुपये पर कोई डिस्काउंट नहीं मिलता। बड़ी ख़रीदारी पर "10% off" वाला ऑफ़र असल में दो या तीन प्रतिशत का रह सकता है।
इसलिए बैंक ऑफ़र को क़ीमत का हिस्सा मानने से पहले उसकी असली सीमा पता कीजिए। यह प्रोडक्ट पेज पर ऑफ़र की जानकारी में लिखी होती है। यह डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और EMI के लिए अलग हो सकती है, और अलग-अलग प्रोडक्ट कैटेगरी के लिए भी।
जल्दबाज़ी में मत ख़रीदिए
काउंटडाउन टाइमर और "सिर्फ़ 2 बचे हैं" जैसे मैसेज आपसे जल्दबाज़ी करवाने के लिए होते हैं। अगर सेल से पहले आप कोई चीज़ ख़रीदने की सोच नहीं रहे थे, तो सेल से यह नहीं बदला कि आपको उसकी ज़रूरत है या नहीं।
देखिए दूसरे ख़रीदारों ने क्या चुना
अगर आपको शुरुआत के लिए कोई जगह चाहिए, तो हमारे सबसे लोकप्रिय प्रोडक्ट पेज पर हर कैटेगरी के वे प्रोडक्ट हैं जिन्हें सबसे ज़्यादा ख़रीदारों ने रेटिंग दी है, और सभी की रेटिंग चार स्टार या उससे ऊपर है। यह रैंकिंग ख़रीदारों की संख्या के हिसाब से है, जिससे पता चलता है कि बहुत से लोगों ने आख़िर में क्या चुना। इससे यह पता नहीं चलता कि आपके लिए सबसे अच्छा क्या है।
हम प्रोडक्ट टेस्ट नहीं करते, और फ़ेस्टिवल की किसी भी क़ीमत की हमने ख़ुद जाँच नहीं की है। आपसे कितना चार्ज लिया जाएगा, इस पर आख़िरी बात स्टोर के पेज की ही मानी जाएगी।